महराजगंज उत्तर प्रदेश, गजेन्द्र नाथ पांडेय। नौतनवा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत खालिकगढ़ के टोला सोनराडीह में चकबंदी के दौरान कब्जा परिवर्तन में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं।
ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि विभागीय कर्मचारियों की मनमानी के कारण गांव में विवाद, आपसी रंजिश और मुकदमेबाजी बढ़ती जा रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि बिना रिश्वत दिए किसी का काम नहीं हो रहा है । और उपजाऊ जमीन के बदले गड्ढे या विवादित भूमि आवंटित की जा रही है।
पीड़ित किसानों का आरोप है कि समरधीरा चकबंदी विभाग के कानूनगो और लेखपाल मनमाने तरीके से कब्जा परिवर्तन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जो लोग मोटी रकम देने में सक्षम हैं, उन्हें बेहतर और उपजाऊ जमीन दी जा रही है, जबकि गरीब और साधारण किसानों की उपजाऊ भूमि हटाकर नदी किनारे की बालू वाली या कम उपजाऊ जमीन दी जा रही है।
ग्रामीण लाली पत्नी रामेश्वर ने बताया कि एक काश्तकार की नदी किनारे स्थित बालू वाली जमीन को हटाकर उनके घर के पास स्थानांतरित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, उनके मकान के बीच से चकमार्ग निकाल दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस त्रुटि को ठीक कराने के लिए विभागीय कर्मचारियों द्वारा भारी रकम की मांग की जा रही है। उनका यह भी कहना है कि इससे पहले चक बाहर करने के नाम पर उनसे हजारों रुपये लिए जा चुके हैं।
किसानों का कहना है कि जिस चकबंदी व्यवस्था का उद्देश्य बिखरी हुई जमीन को एक स्थान पर समेटकर किसानों को सुविधा देना था, वही अब उनके लिए परेशानी का कारण बन गई है। विभागीय हेरफेर के चलते गांव में विवाद और मुकदमेबाजी बढ़ रही है। किसानों ने मुख्यमंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हवाला देते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आक्रोशित किसानों अंगद साहनी, प्रहलाद, बरखू, दुखिया, शीला, रमावती, जुगुरा, अर्जुन, भोला, राजदेई, बलिराम, शंकर, रामआसरे, हीरा, जंगीलाल और रामसेवक ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस संबंध में बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी फरेंदा अशोक कुमार ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









