महराजगंज, उत्तर प्रदेश-गजेन्द्र नाथ पांडेय। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने मंगलवार को नौतनवा तहसील क्षेत्र के ग्राम बनरसिया कला स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के देवदह पर्यटन परियोजना क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर वहां चल रहे विकास एवं पर्यटन संबंधी कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संचालित उत्खनन कार्य की जानकारी प्राप्त की। जिला सूचना अधिकारी ने बताया कि उत्खनन का प्रथम चरण सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर लिया गया है। इसे शीघ्र ही विभाग को भेजा जाएगा। अब तक के उत्खनन में उत्तर मौर्य काल से लेकर गुप्तकाल तक की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक सामग्री प्राप्त हुई है, जिससे इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता और अधिक प्रमाणित हुई है।
जिलाधिकारी ने विपश्यना हॉल तथा सरोवर के सुंदरीकरण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रथम स्तूप, द्वितीय स्तूप एवं सरोवर क्षेत्र को एकीकृत कर समग्र विकास योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए आवश्यक भूमि क्रय का प्रस्ताव शासन को भेजने को कहा गया। साथ ही सरोवर के सौंदर्यीकरण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर इसी माह पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पर्यटन अधिकारी को देवदह परियोजना तक पर्यटकों की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सीधा संपर्क मार्ग विकसित करने का प्रस्ताव धर्मार्थ कार्य विभाग को भेजने तथा परियोजना स्थल पर भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा स्थापित कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पर्यटन की संभावनाओं को और विस्तार देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नौतनवा को हेलीपैड निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास से देवदह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी नौतनवा नवीन कुमार, पर्यटन अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी लक्ष्मीपुर मृत्युंजय यादव, नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









