आनंदनगर-नौतनवा रूट पर प्लेटफॉर्म निर्माण में धांधली: मानकों की अनदेखी के साथ बाल मजदूर भी कार्य करते हुए कैमरे में कैद 

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

महराजगंज-उत्तर प्रदेश- पूर्वोत्तर रेलवे के आनंदनगर-नौतनवा रेलवे रूट पर स्थित झामट स्टेशन पर सालों के इंतजार के बाद प्लेटफॉर्म निर्माण का कार्य शुरू तो हुआ है।लेकिन इसकी गुणवत्ता ने स्थानीय लोगों की उम्मीदों पर पानी कम समय में  ही फेर सकता है।

प्लेटफॉर्म बनने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने-उतरने में सुविधा होने की आस जगी थी, परंतु निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति को देखकर ऐसा लगता है कि यह ढांचा ज्यादा दिनों तक टिकने वाला नहीं है।

आनंदनगर नौतनवा रेल खड़ पर स्थित झामट हांल्ट  स्टेशन के प्लेटफार्म पर हो रहे यात्रियों के सुविधा के लिए निर्माण कार्य से देखने को मिल रहा है । इतना ही नहीं विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि सिनियर सेक्शन इंजीनियर आनंदनगर नौतनवा रेल खंड का कोई विशेष कर्मचारी अवधेश है ।जिसके देखरेख में कार्य चल रहा है । अनियमितताएं और लापरवाही देखने को मिली।

मौके पर चल रहे काम में इस्तेमाल हो रही ईंटों की गुणवत्ता बेहद खराब और पूरी तरह से मानक के विपरीत पाई गई। इतना ही नहीं, निर्माण कार्य में जुटे कारीगर और मजदूर बिना ईंटों की तराई (पानी से गीला करना) किए ही धड़ल्ले से जुड़ाई का काम कर रहे थे। सीमेंट और ईंटों की पकड़ मजबूत करने के लिए तराई अनिवार्य प्रक्रिया है, लेकिन यहां काम को इतनी जल्दबाजी में निपटाया जा रहा है जैसे जिम्मेदार अधिकारी व। ठेकेदार को सिर्फ औपचारिकता पूरी करने की जल्दी हो।

इस गंभीर लापरवाही के बीच निर्माण स्थल पर एक और चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला। मानकों और कानूनों को ताक पर रखकर कार्यस्थल पर एक नाबालिग बच्चे से भी मजदूरी कराई जा रही थी, जो बाल श्रम निषेध कानून का सरेआम उल्लंघन है।

अब स्थानीय जनता और यात्रियों के बीच यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या यह रेल प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा निर्माण मानकों के पैमानों को पूरा करता है? जिस प्लेटफॉर्म के लिए लोगों ने बरसों इंतजार किया, क्या वह कुछ साल भी यात्रियों की सेवा कर पाएगा या उद्घाटन के कुछ समय बाद ही टूटकर बिखर जाएगा? उच्चाधिकारियों को इस घटिया निर्माण और बाल श्रम के मामले का तुरंत संज्ञान लेकर जांच करानी चाहिए ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सके।

आनंदनगर नौतनवा रेल खंड पर नियुक्त सिनियर सेक्शन इंजिनियर मौन-रेलवे का चाहे हाल्ट स्टेशन हो या रेलवे स्टेशन हो ।इस रेल खंड पर ज़हां भी प्लेटफार्म उच्चीकरण के लिए काम हुआ ,सब जगह सड़े गले ईंट का प्रयोग हुआ है!अगर जांच मजिस्ट्रेट या रेलवे के उच्चाधिकारी कराए तो बड़ा पोल गुणवत्ता को लेकर खुल सकता है

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें