महराजगंज: सोहगीबरवा सेंचुरी के पास तेंदुए का आतंक, दो युवकों पर हमला कर किया घायल
गजेन्द्र नाथ पांडेय (महराजगंज): उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद स्थित सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के लक्ष्मीपुर रेंज में तेंदुए का खौफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार की सुबह जंगल से सटे इलाके में तेंदुए ने अलग-अलग बाइक सवार दो युवकों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। शोर मचाने और राहगीरों के आ जाने के कारण तेंदुआ शिकार छोड़कर जंगल की झाड़ियों में भाग निकला। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लक्ष्मीपुर में भर्ती कराया गया।
आटा पिसवाने जा रहे युवक पर पहला हमला:-जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मीपुर के बनग्राम अचलगढ़ निवासी अनिरुद्ध (30 वर्ष) पुत्र गोरख, बुधवार सुबह करीब 9 बजे घर से बाइक पर सवार होकर गेहूं का आटा पिसवाने के लिए पटखौली स्थित मिल पर जा रहे थे। अभी वह रास्ते में ही थे कि जंगल की झाड़ियों में घात लगाकर बैठे एक आदमखोर तेंदुए ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से अनिरुद्ध घबरा गए और जान बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगे। तेंदुए ने उन्हें पंजा मारकर जख्मी कर दिया।
बचाने आए दूसरे युवक को भी बनाया निशाना:-अनिरुद्ध की चीख-पुकार सुनकर उसी समय धनहिया की ओर से अपने घर लालपुर वापस जा रहे पप्पू (30 वर्ष) पुत्र राम-लखन वहां पहुंच गए। पप्पू ने जैसे ही बाइक रोककर अनिरुद्ध को बचाने का प्रयास किया, तेंदुए ने अपना रुख बदलते हुए पप्पू पर भी हमला बोल दिया। एक साथ दो लोगों पर हमले और शोर-शराबे को सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और अन्य राहगीर लाठी-डंडा लेकर मौके की तरफ दौड़ पड़े। ग्रामीणों की भारी भीड़ को अपनी ओर आता देख तेंदुआ दोनों घायलों को छोड़कर वापस जंगल की घनी झाड़ियों में ओझल हो गया।
अस्पताल से मिली छुट्टी, ग्रामीणों में दहशत;-ग्रामीणों ने आनन-फानन में दोनों लहूलुहान युवकों को इलाज के लिए सीएचसी लक्ष्मीपुर पहुंचाया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि दोनों के शरीर पर तेंदुए के दांत और पंजों के निशान थे। प्राथमिक उपचार और मरहम-पट्टी करने के बाद, हालत खतरे से बाहर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें घर वापस भेज दिया।
इस घटना के बाद से अचलगढ़, लालपुर और पटखौली के इलाकों में जबरदस्त दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले रास्तों पर आ जाते हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और हिंसक तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।









