मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजनांतर्गत लगाए उद्योग, बने उद्यमी

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मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजनांतर्गत लगाए उद्योग, बने उद्यमी

अर्जुन यादव देवरिया की रिपोर्ट, purvanchl bulletin

उपायुक्त उद्योग सतीश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को गति प्रदान करते हुए जनपद में अधिकतम रोजगार सृजन के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना” प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत मिशन मोड में आगामी 10 वर्षों में जनपद में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयाँ स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रतिवर्ष 1 लाख नई इकाइयों की स्थापना से पूंजी निवेश को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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जनपद में योजना का लाभ उठाने की पात्रता एवं शर्तें हैं कि आवेदक देवरिया जनपद का निवासी होना चाहिए तथा आयु 21 से 40 वर्ष के बीच हो। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा 8 उत्तीर्ण (जूनियर हाईस्कूल) निर्धारित है, जबकि इंटरमीडिएट अथवा समकक्ष योग्यता रखने वाले आवेदकों को वरीयता दी जाएगी। साथ ही, जिन आवेदकों ने सरकार द्वारा संचालित प्रशिक्षण योजनाओं जैसे—विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना, अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग प्रशिक्षण योजना, या उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया हो अथवा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल संबंधित प्रमाण पत्र, डिप्लोमा या डिग्री प्राप्त की हो, उन्हें भी वरीयता प्रदान की जाएगी। पूर्व में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को छोड़कर राज्य अथवा केंद्र सरकार की किसी अन्य योजना में ब्याज या पूंजी अनुदान प्राप्त न करने वाले तथा आकांक्षात्मक विकास खंड के अभ्यर्थियों को भी विशेष वरीयता दी जाएगी।


योजना के आर्थिक पहलुओं में उल्लेख किया गया है कि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की परियोजनाओं पर अधिकतम ₹5.00 लाख तक का ऋण, परियोजना स्वीकृति की तिथि से अगले 4 वर्षों तक शत-प्रतिशत ब्याज उपादान के साथ प्रदान किया जाएगा। परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत टर्म लोन के रूप में अनिवार्य होगा (जिसमें भूमि/भवन की कीमत शामिल नहीं है) और सामान्य वर्ग के लिए परियोजना लागत का 15%, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 12.5% तथा अनुसूचित जाति/जनजाति/दिव्यांगजन के लिए 10% स्वयं के रूप में जमा करना होगा। न्यूनतम 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी, परियोजना लागत अथवा अधिकतम ₹5.00 लाख (जो भी कम हो) पर, बैंक-लिंक्ड अनुदान स्वरूप प्रदान की जाएगी।
द्वितीय चरण (विस्तारीकरण) के अंतर्गत अधिकतम ₹10.00 लाख तक की परियोजनाएं अनुमत होंगी। पहले चरण में प्राप्त ऋण की अधिकतम दोगुनी या ₹7.50 लाख (जो भी कम हो) पर 50 प्रतिशत ब्याज उपादान, वित्त पोषण की तिथि से अगले 3 वर्षों तक प्रदान किया जाएगा। इस चरण में मार्जिन मनी सब्सिडी उपलब्ध नहीं होगी।


योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी हेतु मनीष वर्मा, (मो. 9415657771), जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, देवरिया से संपर्क किया जा सकता है।

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