महराजगंज उत्तर प्रदेश -जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति का विस्तृत परीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने नामित वेंडर को निर्देशित किया कि जनपद के शेष 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक सप्ताह के भीतर जन औषधि केंद्र स्थापित करना सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो सकें।
जिलाधिकारी ने जनपदीय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण एवं भ्रमण के दौरान यदि कोई सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी/सीएचओ अनुपस्थित पाया जाता है तो उसका उस दिन का मानदेय तत्काल प्रभाव से काटा जाए।
टेलीकंसल्टेशन सेवा की समीक्षा में 10 चिकित्सा अधिकारियों द्वारा मात्र शून्य से 49 टेलीकंसल्टेशन किए जाने पर जिलाधिकारी महोदय ने गहरी नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर बीसीपीएम मुदिता त्रिपाठी (रतनपुर), परमेश्वर शाही (निचलौल) एवं धर्मेंद्र कुमार सिंह (पनियरा) का जुलाई माह का मानदेय बाधित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रभारी चिकित्साधिकारी पनियरा, निचलौल एवं रतनपुर को सभी आयुष्मान वार्डों को मानक के अनुरूप सुसज्जित करने के निर्देश दिए गए।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में पनियरा, बृजमनगंज, मिठौरा, फरेंदा एवं रतनपुर ब्लॉकों की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं मातृ मृत्यु समीक्षा में बृजमनगंज, धानी, घुघली, महराजगंज, पनियरा एवं फरेंदा ब्लॉकों द्वारा शून्य रिपोर्टिंग किए जाने पर जिलाधिकारी ने आशा एवं एएनएम के माध्यम से प्रत्येक मातृ मृत्यु की सूचना प्राप्त कर समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि विभिन्न ब्लॉकों पर निष्क्रिय पड़े स्टाफ नर्सों को चिन्हित कर उनका स्थानांतरण विकासखंड लक्ष्मीपुर में किया जाए, जिससे वहां स्थित एफआरयू को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाया जा सके।
समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (10 अगस्त 2026) की तैयारियों पर विशेष चर्चा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने बताया कि अभियान के अंतर्गत जनपद के 01 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 14,92,148 बच्चों को स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं मदरसों के माध्यम से एल्बेंडाजोल की गोली खिलाया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों को अभियान का प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने तथा विशेष रूप से निजी विद्यालयों एवं मदरसों पर फोकस करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित किया कि 05 अगस्त 2026 से पूर्व समस्त एएनएम, आशा संगिनी, सीएचओ, अध्यापकों एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण हर हाल में पूर्ण कराया जाए, ताकि अभियान शत-प्रतिशत सफलता के साथ संपन्न हो सके।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सभी योजनाएं शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।
बैठक में सीएमओ डॉ सुरेंद्र कुमार चौधरी, डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, सीएमएस डॉ ए.के. द्विवेदी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ राजेश द्विवेदी सहित संबंधित जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।









