जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (DLRC) की बैठक में बैंकिंग प्रगति की समीक्षा, वसूली तेज करने के निर्देश

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (DLRC) की बैठक में बैंकिंग प्रगति की समीक्षा, वसूली तेज करने के निर्देश

गजेन्द्र नाथ पांडेय,महराजगंज-उत्तर प्रदेश ।जनपद में आज जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (DLRC) की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने की। बैठक का संचालन अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) भूपेंद्र मिश्रा द्वारा किया गया। उन्होंने स्वागत भाषण के साथ बैठक के एजेंडा पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की और अंत में धन्यवाद ज्ञापन भी दिया।

बैठक में विभिन्न विभागों एवं बैंकों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (DIC) के उपायुक्त, NRLM के उपायुक्त, जिला विकास अधिकारी भोला नाथ कन्नौजिया सहित विभिन्न बैंकों के समन्वय प्रबंधक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जनपद की बैंकिंग स्थिति, वार्षिक ऋण योजना 2025-26 की प्रगति, किसान क्रेडिट कार्ड (फसल, पशुपालन एवं मत्स्य), विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। मार्च 2026 तक जनपद में कुल जमा राशि ₹9513.75 करोड़ तथा कुल ऋण ₹6631.18 करोड़ दर्ज किया गया। प्राथमिकता क्षेत्र में ₹4136.61 करोड़ का ऋण वितरण किया गया और CD रेशियो 69.70 प्रतिशत रहा, जो निर्धारित मानक से अधिक है।

वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत कुल उपलब्धि 77.05 प्रतिशत रही। कृषि क्षेत्र में 86.34 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई, जबकि MSME क्षेत्र में 61.89 प्रतिशत उपलब्धि रही। अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम प्रगति पर चिंता जताई गई। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लक्ष्य के सापेक्ष 119.21 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त हुई, जबकि पशुपालन क्षेत्र में 273.95 प्रतिशत की उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई। हालांकि मत्स्य क्षेत्र में प्रगति कम रहने पर अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की।

सरकारी योजनाओं की समीक्षा में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं CM YUVA योजना में 100 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि प्राप्त होने की जानकारी दी गई। NRLM के अंतर्गत 5684 समूहों को क्रेडिट लिंकिंग प्रदान की गई, जो लक्ष्य का 130.12 प्रतिशत है।

बैठक के दौरान बढ़ते एनपीए (₹337.78 करोड़) एवं वसूली की धीमी प्रगति पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। अध्यक्ष ने संबंधित विभागों एवं बैंकों को समन्वय स्थापित कर वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, विशेषकर NRLM एवं PM SVANidhi जैसी योजनाओं में पेंडेंसी कम करने पर जोर दिया गया।

अंत में सभी विभागों एवं बैंक प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद की रैंकिंग सुधारने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

Leave a Comment

और पढ़ें