बुद्ध के ननिहाल देवदह के टीले पर गूँजा ‘बुद्धम् शरणम् गच्छामि’-लक्ष्मीपुर में बुद्ध पूर्णिमा पर धम्मसभा, पूजा और वंदना का आयोजन

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बुद्ध के ननिहाल देवदह के टीले पर गूँजा ‘बुद्धम् शरणम् गच्छामि’-लक्ष्मीपुर में बुद्ध पूर्णिमा पर धम्मसभा, पूजा और वंदना का आयोजन -महराजगंज,उत्तर प्रदेश।बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर लक्ष्मीपुर क्षेत्र के बनर्सिहा कला स्थित देवदह, जो भगवान गौतम बुद्ध का ननिहाल माना जाता है, वहां स्थित प्राचीन टीले पर शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर बौद्ध भिक्षुओं और श्रद्धालुओं ने एकत्र होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा बुद्ध वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। पूरे क्षेत्र में “बुद्धम् शरणम् गच्छामि” के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ तथागत गौतम बुद्ध की वंदना, त्रिशरण और पंचशील के पाठ के साथ किया गया। इसके बाद राजमहल टीले पर भव्य धम्मसभा का आयोजन हुआ, जिसमें बौद्ध भिक्षुओं ने अपने उपदेशों के माध्यम से लोगों को ध्यान, ज्ञान और करुणा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म मानव जीवन को शांति, संतुलन और सद्भाव की ओर ले जाता है तथा वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।

कार्यक्रम के आयोजक देवदह रामग्राम बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव ने अपने संबोधन में बुद्ध पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन भगवान गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों का प्रतीक है। यह पर्व न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो मानवता को शांति, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने आगे कहा कि बौद्ध धर्म की मूल भावना अहिंसा और परोपकार है, जो आज के समय में बेहद आवश्यक है। यदि व्यक्ति बुद्ध के पंचशील सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाता है, तो वह न केवल अपने जीवन को सुखमय बना सकता है बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज की दुनिया को युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध के विचारों और उनके दिखाए मार्ग की आवश्यकता है।

धम्मसभा के दौरान उपस्थित लोगों ने ध्यान साधना और सामूहिक प्रार्थना में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर बुद्ध को नमन किया और मानव कल्याण की कामना की। पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और श्रद्धा का विशेष वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम का संचालन भी समिति के अध्यक्ष जितेंद्र राव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष महेंद्र जायसवाल, महामंत्री लक्ष्मीचंद पटेल सहित रोहित गौतम, रामबेलश प्रसाद, प्रहलाद गौतम, बब्लू तिवारी, अमरनाथ चौधरी, प्रहलाद बीडीसी, मंगल प्रसाद, रामलगन गौतम, राधेश्याम, शिवभुजा पाण्डेय, नन्दलाल गौतम और सुग्रीव कुमार बौद्ध सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

समापन के दौरान सभी ने बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया और समाज में शांति, सद्भाव तथा भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज को एक नई दिशा देने वाला भी सिद्ध हुआ।

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