महराजगंज, उत्तर प्रदेश। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में डीआईजी गोरखपुर एस. चनप्पा, जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सोनौली बॉर्डर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का सघन निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने नेपाल के प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक:- इस बैठक में मुख्य रूप से सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों, तस्करी और अवांछनीय तत्वों के आवागमन को रोकने पर चर्चा हुई। डीआईजी ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए कि सीमा पर आने-जाने वालों की गहन तलाशी ली जाए और संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही प्रवेश दिया जाए।
इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) का स्थलीय निरीक्षण:-बॉर्डर पर सुरक्षा समीक्षा के बाद, जिलाधिकारी ने केवटलिया गाँव के पास निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) का स्थलीय निरीक्षण किया। लगभग 400-500 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस चेक पोस्ट का काम अंतिम चरण में है।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को मानक के अनुरूप बनाए रखने और इसे समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। यह चेक पोस्ट भविष्य में दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को सुगम बनाने के साथ-साथ सुरक्षा की दृष्टि से भी मील का पत्थर साबित होगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत सीमा पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और डॉग स्क्वायड की मदद से निरंतर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को दें।










