इतनी गोलियां मारेंगे की उसकी लास के चिथड़े उड़ जायेगे-देखे यूपी के किस विधानसभा के भाजपा विधायक को क्यों दिया धमकी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

इतनी गोलियां मारेंगे की उसकी लास के चिथड़े उड़ जायेगे-देखे यूपी के किस विधानसभा के भाजपा विधायक को क्यों दिया दिया धमकी

मजार पर अवैध कब्ज़ा का मामला उठाते ही, सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी को दिया जा रहा है धमकी

मजार मामले के मुद्दे को लेकर Mdseraj813@gmail.com…. आईडी से लिखा – शलभ मणि त्रिपाठी को इतनी गोलियां मारेंगे की उसकी लास के चिथड़े उड़ जायेगे, और योगी आदित्यनाथ का जो हाल होगा वो पूरा इंडिया देखेगा, ओपेन चैलेंज हैं, मजार को छुआ कर दिखा लो

आप को बता दें की देवरिया सदर विधायक ने रेलवे ओवरब्रिज के नीचे कैसे बनी मजार का मुद्दा उठाया तो अभिलेखों की जांच शुरू हो गई, सीएम के आदेश पर डीएम-एसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं

गोरखपुर रेलवे ओवरब्रिज के ठीक नीचे बनी मजार और उसके लगातार बढ़ते दायरे की जांच अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन ने राजस्व अभिलेखों को खंगालना शुरू कर दिया है

यह कार्रवाई सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा 25 जून 2025 को सीएम से की गई शिकायत के बाद शुरू हुई।विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्रक सौंपकर आरोप लगाया था कि देवरिया नगर के गोरखपुर रोड पर ओवरब्रिज से सटी मजार का दायरा वर्ष दर वर्ष बढ़ता जा रहा है, जबकि यह भूमि बंजर जमीन, कुर्ना नाला और नेशनल हाइवे के अंतर्गत आती है

विधायक का कहना है कि रेलवे ओवरब्रिज के ठीक नीचे मजार का निर्माण किस तरह संभव हुआ, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि 28 वर्ष पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक रामनगीना यादव ने इस मजार की वैधता पर सवाल उठाए थे,जिसके बाद उनकी हत्या कर दीं गई थी। तबसे लोग डर के कारण लड़ाई लड़ने से पीछे हट गए।

सदर विधायक ने शासन से विशेष टीम गठित कर सीमित समय में भूमि व अभिलेखों की जांच कराने तथा अवैध होने पर कब्जा मुक्त कराने की मांग की हैं, तो वही इस मामले में प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने डीएम और एसपी को जांच पूरी कर अवैध अतिक्रमण हटाने और शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।

आप को बता दें की मजार मामले में कुट रचित तरीकों से अवैध कब्जा को लेकर वर्ष 2017 में एक लेखपाल समेत चार लोगो पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, और फिर इस मामले को दबा दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें