महराजगंज : गाँव से निकलकर मंचों पर अपनी पहचान अपने गीत के माध्यम से बना चुके दयानन्द त्रिपाठी व्याकुल-purvanchal bulletin गजेन्द्र नाथ पांडेय
महराजगंज । हम बात कर रहे ग्राम पैसिया ललाईन निवासी दयानन्द त्रिपाठी व्याकुल की 28 अगस्त को एक कवि के रूप में देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन केंद्र, लखनऊ के द्वारा वन्स मोर के सीजन 3 में काव्यपाठ के लिए आमंत्रित किया गया।
जल्द ही इसका प्रसारण भी किया जाएगा। दयानन्द त्रिपाठी व्याकुल जी को पूर्व में राज भाषा सम्मान, स्वामी विवेकानंद साहित्य स्मृति सम्मान, राष्ट्रीय गौरव सम्मान, डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सम्मान, फिराक गोरखपुरी सम्मान सहित दर्जनों सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।
गोरखपुर प्रेस क्लब में दीप साहित्यिक संस्थान आदि ने भी इनको साहित्यिक गतिविधियों के लिए हाल में सम्मानित किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दयानन्द त्रिपाठी व्याकुल जी ने रेडियो के साथ-साथ राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी काव्यपाठ कर चुके हैं। जैसे नेपाल, गोरखपुर मेला महोत्सव, आकाशवाणी, लाउड स्पीकर आशा एफएम गोरखपुर से आमंत्रण पर इन्होंने काव्यपाठ किया है।
इनकी रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं, ई-वेबसाइटों में भी बराबर प्रकाशित होती रहती है। और पूर्व में भी कई पत्र-पत्रिकाओं और अखबारों में प्रकाशित हो चुकी है, जैसे अमर उजाला काव्य, दैनिक जागरण, कानपुर मासिक, त्रैमासिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों, आदि।
कवि के रूप में अपनी पहचान बना चुके दयानन्द त्रिपाठी जी कहानी लेखन, यात्रावृत्तांत का कार्य भी करते हैं समय-समय पर सोशल मीडिया माध्यमों में प्रकाशित होते रहे हैं, इन सभी उपलब्धियों का सारा श्रेय अपने माता-पिता, बड़े भाई, गुरुजनों, सगे-सम्बन्धियों एवं दोस्तों को दिया है, जो इन्हें लगातार प्रोत्साहित करते रहते हैं।









