महराजगंज।जनपद में राजस्व विवादों के प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल प्रारम्भ की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद को “राजस्व विवाद मुक्त” बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु विशेष अभियान संचालित किया जाएगा।
इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा समस्त उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में निर्देशित किया गया कि जनपद में लंबित समस्त राजस्व विवादों का व्यवस्थित एवं श्रेणीबद्ध वर्गीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु प्रभावी रणनीति बनाई जा सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रथम श्रेणी उन विवादों को रखें जिनका निस्तारण ग्राम पंचायत स्तर पर सुलह–समझौते अथवा सीमित प्रशासनिक हस्तक्षेप से संभव है। इन वादों के त्वरित निस्तारण हेतु ग्राम स्तर पर विशेष प्रयास किया जाएगा। द्वितीय श्रेणी में राजस्व न्यायालयों में विचाराधीन वादों को सूचीबद्ध रखने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि इन मामलों में विशेष अभियान चलाकर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
तीसरी श्रेणी में सिविल न्यायालयों में लंबित वादों को शामिल करें। इन प्रकरणों में शासकीय अधिवक्ताओं के माध्यम से नियमित, प्रभावी एवं सशक्त पैरवी कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराएं और चौथी श्रेणी में सार्वजनिक उपयोग की सुरक्षित श्रेणी में दर्ज भूमि को सूचीबद्ध करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इन भूमियों पर अवैध अतिक्रमण हटाने एवं उन्हें संरक्षित करने हेतु समुचित कार्ययोजना तैयार करें और उनपर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की मंशा है कि गांवों में भूमि विवादों को तय समयसीमा में समाप्त किया जाए। तमाम मामलों में पक्षकार आपसी सहमति के आधार पर विवादों को समाप्त करने पर सहमत हैं या सामान्य प्रशासनिक कार्यवाही से मामलों का निस्तारण किया जा सकता है।
फिर भी ऐसे वाद लंबित पड़े हैं,जिससे कई बार आपसी विवाद कानून व्यवस्था के लिए समस्या खड़ी कर देते हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी संबंधित अधिकारी इस अभियान को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करें तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि प्रत्येक श्रेणी के वादों के निस्तारण हेतु स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समयसीमा में परिणाम प्राप्त किए जाएं।
यह पहल जनपद में राजस्व विवादों के स्थायी समाधान, विधि-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण तथा आमजन को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने हेतु की गई है। इससे गांवों में न सिर्फ भूमि विवादों के समाप्त होने से कानून व्यवस्था बेहतर होगा, बल्कि सार्वजनिक भूमि को भी सुरक्षित किया जा सकेगा।



