महराजगंज, उत्तर प्रदेश।मंडलायुक्त गोरखपुर मंडल इन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में जनपद महराजगंज में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मंडलायुक्त ने प्रत्येक परियोजना की लागत, कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण होने की निर्धारित तिथि, वर्तमान प्रगति तथा कार्य में आ रही बाधाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने कहा कि जिन परियोजनाओं को वर्तमान वित्तीय वर्ष में पूर्ण किया जाना निर्धारित है, उन्हें प्रत्येक दशा में दिसंबर 2026 तक पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। परियोजनाओं के निर्माण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में देरी अथवा अधोमानक निर्माण पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही निर्धारित करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
मंडलायुक्त ने पकड़ी खुटहा–पनियरा मार्ग के लिए वन विभाग से एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना से संबंधित आवश्यक विवरण एक सप्ताह के भीतर परिवेश पोर्टल पर अपलोड कराने को कहा, ताकि एनओसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण हो सके। इसी क्रम में मदरी–महदेईया–चकदह–शाहपुर–कजरी मार्ग को दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पकड़ी खुटहा–पनियरा–बेलवा टीकर मार्ग तथा इंडो-नेपाल बॉर्डर मार्ग के निर्माण कार्य को भी निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक गति प्रदान करने के निर्देश दिए गए।नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय, ठूठीबारी तथा मल्टीपरपज हॉल, कलेक्ट्रेट परिसर की धीमी प्रगति पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने परियोजना प्रबंधक, यूपीपीसीएल को जनपद में स्टेशन करते हुए विलंबित परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा उन्हें शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
वहीं नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय, नौतनवा का कार्य निर्धारित समय से काफी पीछे पाए जाने पर मंडलायुक्त ने सहायक अभियंता, यूपी सिडको के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई हेतु जिलाधिकारी को निर्देशित किया।मंडलायुक्त ने आईजीआरएस एवं जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। ऐसी शिकायतें जिनका तत्काल समाधान संभव न हो, उनमें शिकायतकर्ता की काउंसलिंग करते हुए उपलब्ध वैकल्पिक समाधान एवं विकल्पों की जानकारी दी जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण के संबंध में प्रस्तुत आख्या में मौके की स्थिति का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाए तथा आवश्यकतानुसार स्पॉट मेमो एवं मौके पर उपस्थित कम से कम दो गवाहों के बयान भी अभिलेखित किए जाएं, ताकि निस्तारण की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।पुलिस उप महानिरीक्षक एस. चनम्पा ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को सतर्क एवं संवेदनशील रहते हुए प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जन्माष्टमी एवं आगामी पर्वों के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने, संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने विशेष रूप से महिला अपराधों के मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम स्तर पर बीट कांस्टेबल, लेखपाल, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री सहित अन्य ग्राम स्तरीय कार्मिकों को सक्रिय करते हुए महिला अपराध से संबंधित सूचनाओं की समय से प्राप्ति एवं तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल, पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी, डीएफओ निरंजन सुर्वे राजेंद्र, एडीएम डॉ. प्रशांत कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शिवम कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।